केरल निकाय चुनाव के नतीजों के बाद हिंसा, कांग्रेस दफ्तर पर हमला और इंदिरा गांधी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त
कोझिकोड, कन्नूर और वायनाड समेत कई जिलों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें, तोड़फोड़ और पथराव; पुलिस ने हालात पर पाया काबू।

केरल में स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों के बाद राज्य के कई हिस्सों में राजनीतिक हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। खास तौर पर उत्तरी केरल के जिलों में शनिवार रात अलग-अलग राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाओं से तनावपूर्ण माहौल बन गया। पुलिस के मुताबिक, स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन कुछ इलाकों में तनाव बरकरार है।
कोझिकोड जिले के एरमला इलाके में कांग्रेस कार्यालय ‘इंदिरा गांधी भवन’ पर कथित तौर पर माकपा कार्यकर्ताओं ने हमला किया। एडाचेरी थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, करीब 200 लोगों की भीड़ हथियारों के साथ मार्च करते हुए कार्यालय पहुंची और जमकर तोड़फोड़ की। इस हमले में लगभग पांच लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा को भी क्षति पहुंचाई गई।
घटना की जानकारी मिलते ही संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए, जिससे तनाव और बढ़ गया। पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर पूरी रात कड़ी मशक्कत के बाद हालात को नियंत्रण में लिया।
इसी बीच, कोझिकोड जिले के मराड में यूडीएफ की जीत के जुलूस पर कथित तौर पर पथराव किया गया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। वायनाड जिले के सुल्तान बाथरी में यूडीएफ कार्यकर्ता और उसके परिवार को ले जा रही कार पर कथित तौर पर माकपा के करीब 40 कार्यकर्ताओं ने हमला किया। पुलिस ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कन्नूर जिले के पनूर में भी हिंसा की घटनाएं सामने आईं, जहां माकपा कार्यकर्ताओं पर मुस्लिम लीग के कार्यकर्ताओं के घरों और वाहनों को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, हिंसा उस समय भड़की जब यूडीएफ की जीत रैली को रोकने की कोशिश की गई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई।
कन्नूर के उलिक्कल और कासरगोड जिले के बेडाकम में भी यूडीएफ और एलडीएफ कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की खबरें आई हैं। कुछ स्थानों पर पुलिसकर्मियों को भी मामूली चोटें आईं। वहीं, राजधानी तिरुवनंतपुरम के नेय्याट्टिंकारा इलाके में माकपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिसमें दोनों पक्षों के कुछ कार्यकर्ता घायल हुए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। औपचारिक शिकायतें मिलने के बाद संबंधित मामलों में एफआईआर दर्ज की जा रही है। चुनावी माहौल के बीच राज्य में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

