भारत के खिलाफ लश्कर-ए-तैयबा ने फिर उगला जहर: सैफुल्लाह कसूरी की खुली धमकी
ऑपरेशन सिंदूर के बाद लश्कर के डिप्टी चीफ ने कश्मीर से लेकर भारत के कई हिस्सों पर कब्जा का खौफनाक दावा किया

पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने भारत के खिलाफ फिर से भड़काऊ बयान दिए हैं। संगठन के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने एक सार्वजनिक मंच से आतंकवादी और उकसाव भरे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए भारत को खुलेआम धमकी दी है। यह बयान भारत के ऑपरेशन “सिंदूर” के बाद आया है, जिसमें भारतीय सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की थी।
लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर सैफुल्लाह ने हजारों समर्थकों के बीच खड़े होकर कहा कि भारत ने बड़ी “गलती” की है और “उनकी लड़ाई कश्मीर से शुरू होकर हैदराबाद और जूनागढ़ तक चलेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर, नदी घाटी और डैम जैसे क्षेत्र उनका अधिकार हैं और भारत को इसके परिणाम भुगतने होंगे।
इन बयानों में सैफुल्लाह ने न केवल कश्मीर को लेकर उकसावे भरी बातें कीं, बल्कि उन लोगों को भी चुनौती दी जिन्होंने आतंकी नेटवर्क को बेनकाब करने की कोशिश की। साथ ही, उन्होंने उन पर भी निशाना साधा जिन्होंने प्रतिबंध लगाए हैं या लश्कर के खिलाफ कार्रवाई की है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त सैन्य और कूटनीतिक प्रतिक्रिया दी है। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान और PoK में सक्रिय आतंकवादी कैंपों पर निशाना साधा था, जिसमें Jaish-e-Mohammed और LeT जैसे संगठनों के ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें कई नागरिकों की जानें गई थीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के उकसावे भरे बयानों का मकसद मानसिक रूप से तनाव पैदा करना, समर्थन जुटाना और आतंकी नेटवर्क को बनाए रखना होता है। हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति दृढ़ और संतुलित है तथा किसी भी उकसावे का सामना करने के लिए उसकी सुरक्षा व्यवस्था सक्षम है।
भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक, सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर पिछले महीनों में कई बयानबाज़ियाँ हुई हैं। ऐसे बयान अक्सर क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा चिंताओं पर जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ाते हैं।





