हिमाचल प्रदेश बजट सत्र 2026: सुखू सरकार के प्रमुख निर्णय और घोषणाएँ
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने बजट में गरीब, युवाओं व पर्यटन के विकास पर जोर देते हुए व्यापक योजनाओं का ऐलान किया, शिक्षा‑स्वास्थ्य रक्षा तथा रोजगार सृजन पर विशेष फोकस किया गया।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र 2026 के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने वित्तीय वर्ष 2026‑27 के लिए राज्य बजट पेश करते हुए कई अहम घोषणाएँ कीं, जिनका उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा‑स्वास्थ्य क्षेत्र की मजबूती और राज्य में रोजगार व पर्यटन को बढ़ावा देना है।
सबसे बड़ी घोषणा “मुख्यमंत्री सुखी परिवार योजना” की रही, जिसमें एक लाख अत्यंत गरीब परिवारों को 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने का प्रस्ताव रखा गया है और महिलाओं को वित्तीय सहायता के रूप में ₹1,500 प्रति माह देने का वादा किया गया है। सरकार ने शिक्षा के लिए ₹9,660 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है, जिसमें सभी यूजी पाठ्यक्रमों को सेमेस्टर सिस्टम से चलाने और छोटे कॉलेजों के छात्रों को ₹5,000 प्रति माह सहायता देने की व्यवस्था शामिल है।
बजट में युवाओं के लिए भी कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। पंचायत सचिवों के 150 पद भरे जाएंगे और पंचायत चौकीदारों के लिए भरती की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी। इसके अलावा 500 ई‑टैक्सी के लिए 50% अनुदान देने का प्रावधान रखा गया है ताकि युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें।
राज्य सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को भी मजबूत करने पर जोर दिया है। प्रमुख पर्यटन स्थलों पर नाइट पिकनिक सुविधाएँ शुरू की जाएंगी, होम‑स्टे मालिकों को पर्यावरण‑अनुकूल प्रमाण पत्र दिए जाएंगे, और स्नो‑टूरिज्म स्पॉट घोषित कर 40 गांवों में गतिविधियाँ बढ़ाई जाएंगी। इसके साथ ही कांगड़ा एयरपोर्ट के पास एरोसिटी बसाई जाएगी तथा सभी जिला मुख्यालयों को हेलीपोर्ट से जोड़ा जाएगा।
कृषि और ग्रामीण रोजगार के लिए मछुआरों को जलाशय मछली खरीद पर ₹100 MSP देने और मुख्यमंत्री खेत बाड़बंदी योजना के लिए ₹10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही पर्यटन विकास में निवेश, ट्राउट इकाइयों की स्थापना, 50 ईको‑टूरिज्म साइटों का विकास और 4,000 हेक्टेयर में पौधरोपण के लक्ष्य भी शामिल हैं।
बजट के दौरान विपक्ष ने सरकार पर कटाक्ष भी किए। कुछ विधायकों ने पिछले बजट वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया है, लेकिन मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में इन चुनौतियों से निपटने की रणनीतियों और आगे की योजनाओं पर भरोसा जताया।
इस बजट सत्र में शिक्षा‑स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गरीबों, युवाओं, किसानों और पर्यटन उद्यमियों के हित में अधिक व्यावहारिक और समावेशी निर्णय लिए गए हैं। सरकार का दावा है कि ये कदम हिमाचल प्रदेश की समग्र प्रगति और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करेंगे।




