IPL ‘थप्पड़कांड’ फिर सुर्खियों में: एस श्रीसंत का फूटा गुस्सा, हरभजन सिंह को किया ब्लॉक

18 साल बाद भी नहीं भरा जख्म, बोले—अब कोई रिश्ता नहीं, इंस्टाग्राम पर भी किया किनारा

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास का सबसे चर्चित विवाद, जिसे ‘थप्पड़कांड’ के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार विवाद को लेकर पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने न सिर्फ पुरानी घटना को याद किया, बल्कि ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ब्लॉक भी कर दिया है।

यह विवाद साल 2008 में IPL के पहले सीजन के दौरान सामने आया था, जब मैच के बाद हरभजन सिंह ने श्रीसंत को थप्पड़ मार दिया था। उस घटना ने पूरे क्रिकेट जगत को हिला दिया था। बाद में हरभजन पर बैन भी लगाया गया था, लेकिन समय के साथ मामला शांत हो गया।

हालांकि, अब इतने सालों बाद भी यह मामला पूरी तरह खत्म होता नहीं दिख रहा है। हाल ही में श्रीसंत ने एक इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने साफ कहा कि वह इस घटना को कभी नहीं भूल पाए हैं और यह उनके लिए सिर्फ एक पुरानी बात नहीं, बल्कि एक गहरा जख्म है।

श्रीसंत ने कहा, “मैंने हमेशा रिश्तों को अहमियत दी, लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें भुलाना आसान नहीं होता। अब मैंने फैसला कर लिया है कि मैं हरभजन के साथ कोई रिश्ता नहीं रखना चाहता।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर हरभजन सिंह को ब्लॉक कर दिया है, ताकि वह अपने जीवन में आगे बढ़ सकें।

इस बयान के बाद क्रिकेट फैंस के बीच एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग श्रीसंत के इस फैसले को सही ठहरा रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि इतने साल बाद इस मुद्दे को फिर से उठाना ठीक नहीं है।

हरभजन सिंह की ओर से फिलहाल इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब श्रीसंत ने इस विवाद को लेकर खुलकर बात की हो। इससे पहले भी वह कई बार कह चुके हैं कि उस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया था।

क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह मामला केवल दो खिलाड़ियों के बीच का विवाद नहीं है, बल्कि यह खेल में अनुशासन और खिलाड़ियों के व्यवहार पर भी सवाल खड़ा करता है। IPL जैसे बड़े मंच पर इस तरह की घटनाएं खेल की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।

वहीं, सोशल मीडिया पर फैंस इस मुद्दे को लेकर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कुछ लोग दोनों खिलाड़ियों से आगे बढ़ने की अपील कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे क्रिकेट इतिहास का काला अध्याय बता रहे हैं।

कुल मिलाकर, ‘थप्पड़कांड’ भले ही 18 साल पुराना हो, लेकिन इसका असर आज भी कायम है। श्रीसंत के हालिया बयान ने यह साफ कर दिया है कि कुछ विवाद समय के साथ खत्म नहीं होते, बल्कि दिल में कहीं न कहीं जिंदा रहते हैं।

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