केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: कमर्शियल एलपीजी कोटा 50% से बढ़ाकर 70% किया

स्टील, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल उद्योगों को मिलेगा सीधा लाभ, औद्योगिक उत्पादन को मिलेगी नई रफ्तार

नई दिल्ली में केंद्र सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र को राहत देते हुए कमर्शियल एलपीजी (LPG) कोटे में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने पहले उपलब्ध 50 प्रतिशत आवंटन को बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य देश में औद्योगिक गतिविधियों को गति देना और उत्पादन लागत को संतुलित करना है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, इस निर्णय से विशेष रूप से स्टील, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल जैसे श्रम-प्रधान उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा। ये उद्योग बड़े पैमाने पर ऊर्जा आधारित उत्पादन प्रक्रियाओं पर निर्भर करते हैं, जहां एलपीजी एक महत्वपूर्ण ईंधन के रूप में उपयोग होता है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी करते हुए इस बदलाव को तुरंत लागू करने को कहा है। मंत्रालय के अनुसार, पहले से उपलब्ध 50 प्रतिशत आवंटन के अतिरिक्त 20 प्रतिशत और कोटा जोड़ा गया है, जिससे कुल आपूर्ति संकट से पहले के स्तर के 70 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त एलपीजी कोटा उन उद्योगों को प्राथमिकता देगा, जहां प्राकृतिक गैस का विकल्प संभव नहीं है और जहां उच्च तापमान प्रक्रियाओं की आवश्यकता होती है। इसमें केमिकल, डाई, प्लास्टिक और प्रोसेस इंडस्ट्रीज प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इसके साथ ही, 10 प्रतिशत कोटा उन राज्यों के लिए आरक्षित रखा गया है जो पीएनजी (PNG) सुधारों को तेजी से लागू कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि इससे राज्यों में ऊर्जा सुधारों को बढ़ावा मिलेगा और गैस वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला औद्योगिक उत्पादन को स्थिरता प्रदान करेगा और देश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा।

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