मुंबई: ‘कलमा पढ़ो’ कहकर हमला करने वाला निकला US से लौटा मैथ टीचर, जांच में ISIS कनेक्शन का खुलासा
मीरा रोड इलाके में दो सुरक्षा गार्डों पर हमला करने वाले आरोपी की पहचान उजागर, ATS जांच में अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत
मुंबई के मीरा रोड इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को हिला देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां दो सुरक्षा गार्डों पर हमला करने वाले आरोपी के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। शुरुआती जांच में यह सामान्य विवाद या व्यक्तिगत रंजिश का मामला लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पूरे मामले ने एक गंभीर और अंतरराष्ट्रीय आयाम ले लिया।
पुलिस और एटीएस (ATS) की संयुक्त जांच में सामने आया है कि हमलावर कोई स्थानीय अपराधी नहीं, बल्कि अमेरिका से लौटा एक मैथ्स (गणित) टीचर है। आरोपी ने कुछ समय पहले ही विदेश से भारत वापसी की थी और सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहा था। लेकिन घटना के बाद उसकी पृष्ठभूमि और डिजिटल गतिविधियों ने जांच एजेंसियों को सतर्क कर दिया।
जानकारी के अनुसार, मीरा रोड इलाके में आरोपी ने दो सुरक्षा गार्डों पर अचानक हमला किया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उसने हमला करने से पहले “कलमा पढ़ो” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे मामला और गंभीर हो गया। इस बयान के बाद पुलिस ने इसे केवल हिंसक अपराध न मानकर संभावित कट्टरपंथी गतिविधि के रूप में जांच शुरू की।
जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और विदेशी संपर्कों की पड़ताल की गई। इसी जांच में कुछ ऐसे डिजिटल लिंक और बातचीत सामने आई हैं, जिनके आधार पर उसके ISIS से संभावित संबंधों की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अधिकारी अभी इस कनेक्शन की पूरी तरह पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन प्रारंभिक सबूतों को गंभीर माना जा रहा है।
ATS सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के कुछ ऑनलाइन अकाउंट्स पर कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े कंटेंट की गतिविधि पाई गई है। इसके अलावा कुछ संदिग्ध चैट्स और इंटरनेशनल नेटवर्क से जुड़ाव के संकेत भी मिले हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या वह किसी संगठित मॉड्यूल का हिस्सा था या अकेले ही कट्टरपंथ की ओर प्रभावित हुआ था।
घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थानीय पुलिस लगातार निगरानी रख रही है। वहीं, दोनों घायल सुरक्षा गार्डों का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि विदेश से लौटे व्यक्तियों के संभावित कट्टरपंथी प्रभावों की भी गंभीर चेतावनी है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि विदेश में रहने या पढ़ाने वाले लोगों की मानसिक और वैचारिक निगरानी कितनी जरूरी है।
फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और ATS उससे लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसके संपर्क किस स्तर तक फैले हुए थे और क्या इस घटना के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।





