प्रधानमंत्री की अपील पर भड़के रेवंत रेड्डी, विदेश नीति और आर्थिक हालात को लेकर केंद्र पर साधा निशाना

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपीलों पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति और आर्थिक प्रबंधन को विफल बताया। उन्होंने कहा कि जनता पर बोझ डालने के बजाय सरकार को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटना चाहिए।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल में देशवासियों से की गई अपीलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री की “मेरे साथ जुड़िए” और सोने की खरीद कुछ समय के लिए टालने संबंधी अपील को सरकार की असफल नीतियों का संकेत बताया। रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विदेश नीति और आर्थिक मोर्चे पर विफल रही है, जिसका बोझ अब आम जनता पर डाला जा रहा है।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि यदि देश की विदेश नीति मजबूत होती, तो भारत को वर्तमान वैश्विक संकटों का इतना प्रभाव नहीं झेलना पड़ता। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं के कारण देश में महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री का कहना था कि सरकार अपनी नीतिगत कमजोरियों को छिपाने के लिए जनता से त्याग और सहयोग की अपील कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से ऊर्जा बचाने, अनावश्यक यात्राएं कम करने, वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने और कुछ समय तक सोने की खरीद टालने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यह समय राष्ट्रीय हित में जिम्मेदारी निभाने का है। प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि आम जनता पहले ही महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से परेशान है। ऐसे में सरकार को राहत देने के कदम उठाने चाहिए, न कि लोगों से अतिरिक्त त्याग की अपेक्षा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की गलत आर्थिक और कूटनीतिक नीतियों के कारण देश को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि सरकार समय रहते अंतरराष्ट्रीय हालात को सही ढंग से संभालती, तो आज देश को तेल कीमतों और आर्थिक संकट के दबाव का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार केवल भावनात्मक अपीलों के सहारे जनता का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है।

भाजपा नेताओं ने रेवंत रेड्डी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रीय संकट के समय विपक्ष को राजनीति नहीं करनी चाहिए। पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री की अपील देशहित में है और ऐसे समय में सभी नागरिकों को सहयोग देना चाहिए। भाजपा ने कांग्रेस पर हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।

इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। कांग्रेस जहां सरकार की आर्थिक और विदेश नीति पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा इसे राष्ट्रीय जिम्मेदारी और जनभागीदारी का विषय बता रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है, क्योंकि महंगाई, अंतरराष्ट्रीय संकट और आर्थिक दबाव जैसे विषय सीधे आम जनता से जुड़े हुए हैं। ऐसे में सत्ता और विपक्ष दोनों इसे अपने-अपने तरीके से जनता के सामने रखने की कोशिश कर रहे हैं।

फिलहाल प्रधानमंत्री की अपील और उस पर विपक्ष की प्रतिक्रिया ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि जनता इन बयानों और दावों को किस नजरिए से देखती है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक प्रभाव कितना व्यापक होता है।

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