तीन कमरों में चल रहीं आठ कक्षाएं, 170 बच्चों की पढ़ाई पर संसाधनों का संकट
नूंह के सुल्तानपुर (काटपुरी) स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में कमरों और शिक्षकों की कमी, सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई जारी
पिनगवां (नूंह, हरियाणा)। सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा के दावों के बीच नूंह जिले के सुल्तानपुर (काटपुरी) स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय की स्थिति कई सवाल खड़े करती है। विद्यालय में करीब 170 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन उनके लिए केवल तीन कमरे उपलब्ध हैं। ऐसे में आठ कक्षाओं का संचालन इन्हीं कमरों में करना पड़ रहा है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और शिक्षण व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रही हैं।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2011 में विद्यालय को मिडिल स्कूल में अपग्रेड किया गया था। उस समय छह नए कमरों, रसोईघर और शौचालय का निर्माण कराया गया था। बाद में एक कमरा आंगनवाड़ी केंद्र को आवंटित कर दिया गया, एक कमरा स्टाफ कार्यालय के रूप में उपयोग होने लगा, जबकि एक कमरा जर्जर होने के कारण बंद करना पड़ा। इसके चलते विद्यार्थियों के उपयोग के लिए केवल तीन कमरे ही शेष रह गए।
विद्यालय में मिडिल स्तर पर चार और प्राथमिक स्तर पर दो शिक्षक कार्यरत हैं। शिक्षकों की संख्या भी जरूरत के मुकाबले कम है, फिर भी उपलब्ध शिक्षक सीमित संसाधनों में सभी कक्षाओं की पढ़ाई सुचारु रूप से कराने का प्रयास कर रहे हैं। कई बार अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाना पड़ता है, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से अतिरिक्त कक्षों के निर्माण, जर्जर भवन की मरम्मत और शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आधारभूत सुविधाओं का विस्तार नहीं किया गया तो बच्चों की शिक्षा पर इसका दीर्घकालिक असर पड़ सकता है।




