बिरही-निजमुला मार्ग पर बिना बारिश दरक रही ‘काली चट्टान’, हर पल हादसे का खतरा
भूस्खलन से 15 से अधिक गांवों की जीवनरेखा पर संकट, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की
चमोली जिले के बिरही-निजमुला (गौणा) मार्ग पर स्थित ‘काली चट्टान’ एक बार फिर लोगों की चिंता का कारण बन गई है। बिना बारिश के भी लगातार हो रहे भूस्खलन से इस मार्ग पर सफर करना बेहद जोखिमभरा हो गया है। मंगलवार को भी चट्टान से मलबा गिरा, हालांकि उस समय सड़क पर कोई वाहन नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया।
बिरही-निजमुला मार्ग क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों के करीब 15 हजार लोगों की जीवनरेखा माना जाता है। पाणा, ईराणी, झींझी, गौणा, भनाली, मोली, हडुंग, गाड़ी और सैंजी समेत कई गांवों के लोग रोजमर्रा की आवाजाही के लिए इसी सड़क पर निर्भर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ‘काली चट्टान’ लंबे समय से खतरा बनी हुई है और बिना बारिश भी चट्टान से पत्थर व मलबा गिरने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। इससे यात्रियों और वाहन चालकों में हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस संवेदनशील स्थान का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।


