दवा देने से इनकार पर सख्ती
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने वायरल वीडियो पर लिया संज्ञान, कहा- मरीजों को जरूरी दवाओं से वंचित करना बर्दाश्त नहीं, वेंडर पर होगी कार्रवाई
दिल्ली में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया है। एक वायरल वीडियो में आवश्यक दवा देने से इनकार करने का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और संबंधित वेंडर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम ने साफ कहा कि किसी भी मरीज को केवल सफाई या अन्य किसी बहाने से जरूरी दवा देने से मना करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वायरल रील में दावा किया गया कि एक व्यक्ति जब दवा लेने पहुंचा तो उसे यह कहकर दवा देने से इनकार कर दिया गया कि फर्श पर पोंछा लगाया जा रहा है। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े लोगों का पहला कर्तव्य नागरिकों की जरूरतों को पूरा करना है। मरीजों को समय पर दवा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित वेंडर का लाइसेंस रद्द करने समेत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सीएम ने कहा कि सार्वजनिक सुविधाओं में काम करने वाले कर्मचारियों और सेवा प्रदाताओं को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। किसी भी नागरिक को परेशान करना या जरूरी सुविधा से वंचित करना नियमों के खिलाफ है।
इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। अधिकारियों ने संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी है और यह पता लगाया जा रहा है कि दवा वितरण में किस स्तर पर लापरवाही हुई। सरकार ने संकेत दिया है कि आम लोगों की सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



