उत्तराखंड में बारिश का कहर, 85 सड़कें बंद, अलकनंदा-मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर

लगातार बारिश के बीच मुख्यमंत्री धामी ने सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए।

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाओं के चलते 85 सड़कें बंद हो गई हैं। रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

बुधवार रात से जारी बारिश के कारण कई पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन हुआ। अगस्त्यमुनि क्षेत्र के विजयनगर-तैला मार्ग पर पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। वहीं, एक स्थान पर मलबे की चपेट में आने से एक कार दब गई। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

प्रदेश में बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों के प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे नहीं जाने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित है और कई संपर्क मार्ग बंद होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और बंद सड़कों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

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