होर्मुज संकट के बीच फिर बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, ट्रंप के फैसले से बाजार में हलचल
अमेरिका-ईरान तनाव और रूस से कच्चे तेल से जुड़ी नई सख्ती ने बढ़ाई चिंता, भारत पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत के ईंधन बाजार पर भी दिखने लगा है। होर्मुज संकट के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर नई चिंता खड़ी हो गई है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में अस्थिरता लगातार बढ़ती जा रही है।
इसी बीच अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े एक फैसले ने भी बाजार को झटका दिया है। रूस से कच्चे तेल को लेकर जो राहत या छूट बाजार में चर्चा का विषय बनी हुई थी, उसके खत्म होने की संभावना ने हालात और जटिल बना दिए हैं। इससे वैश्विक सप्लाई पर असर पड़ सकता है और उसका सीधा दबाव तेल कीमतों पर दिख सकता है।
भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। अगर अंतरराष्ट्रीय कच्चा तेल महंगा होता है, तो इसका असर पेट्रोल, डीजल, ट्रांसपोर्ट खर्च और रोजमर्रा की महंगाई पर पड़ना तय माना जा रहा है। इससे आम उपभोक्ता की जेब पर बोझ बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जैसे संवेदनशील क्षेत्र में तनाव बढ़ने से सप्लाई चेन पर दबाव आता है। ऐसे में तेल कंपनियों और सरकार दोनों की नजर अब वैश्विक हालात पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।





