बुलंदशहर एनकाउंटर: 50 हज़ार का इनामी बदमाश जुबैर उर्फ ‘पीटर’ ढेर, एक सिपाही घायल
उत्तर प्रदेश पुलिस की सक्रिय कार्रवाई में बुलंदशहर में एक वांछित अपराधी के साथ मुठभेड़, जिसमें 50 हज़ार रुपये का इनामी अपराधी मौत के घाट उतरा और एक पुलिसकर्मी घायल; जांच जारी। (aajtak.in )

बुलंदशहर जिले में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई तीव्र मुठभेड़ ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के स्याना रोड पर देर रात यह मुठभेड़ हुई, जब इनामी बदमाश जुबैर उर्फ ‘पीटर’ और उसका साथी पुलिस की रोकथाम टीम से भिड़ गए। जुबैर पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ₹50,000 का इनाम घोषित किया गया था।
मुठभेड़ की पूरी घटनाक्रम
पुलिस टीम ने जैसे ही जुबैर और उसके साथी को रोकने का प्रयास किया, उन्होंने पुलिस पर गोलियाँ चलाना शुरू कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में एक सिपाही भी घायल हुआ है, जिसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस ने मौके से हतियार, कारतूस और मोटरसाइकिल सहित अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं। अधिकारी कह रहे हैं कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस की सख्त कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण अभियान का हिस्सा है, जिसमें अपराधियों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
जुबैर की आपराधिक पृष्ठभूमि
जुबैर उर्फ पीटर लूट, चोरी और गैंगस्टर से जुड़े कई मामलों में वांछित था। वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से दूर था और विभिन्न जिलों में अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने उसकी लोकेशन की जानकारी जुटाई थी और इसी के आधार पर बुलंदशहर में सटीक ऑपरेशन चलाया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जुबैर का साथी मौके से भागने में सफल रहा है और उसकी तलाश अभी भी जारी है। जिले के अधिकारी इसे गंभीर मामला मानते हुए जल्द गिरफ्तारी का प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस प्रतिक्रिया और जांच
बुलंदशहर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमने कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर नियंत्रण रखने के लिए यह कार्रवाई की। सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुठभेड़ के दौरान सभी सरकारी नियमों का पालन किया गया और किसी भी तरह का अत्याचार नहीं किया गया।
सामाजिक और सुरक्षा पहलू
जुबैर की मौत के बाद बुलंदशहर में लोगों ने पुलिस कार्रवाई की सराहना की, जबकि कुछ ने मुठभेड़ की प्रक्रियाओं और न्यायिक दृष्टिकोण पर सवाल उठाए। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में पुलिस को सतर्क रहना चाहिए और साक्ष्य‑आधारित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष को नुकसान न पहुंचे।




