दुनिया के 2 सुपरपावर में हड़कंप: 20 वैज्ञानिकों की रहस्यमयी मौत और गायब होने से बढ़ी चिंता

अमेरिका-चीन में डिफेंस और स्पेस प्रोजेक्ट से जुड़े वैज्ञानिकों की मौतों ने बढ़ाया सुरक्षा संकट, जांच में जुटी एजेंसियां

दुनिया के दो सबसे ताकतवर देश—अमेरिका और चीन—इन दिनों एक रहस्यमयी घटनाक्रम से हिल गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों में कुल मिलाकर करीब 20 वैज्ञानिकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत या गायब होने के मामले सामने आए हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

अमेरिका में यह मामला सबसे ज्यादा सुर्खियों में है, जहां पिछले कुछ वर्षों में कम से कम 10 से 11 वैज्ञानिक या तो रहस्यमयी तरीके से मारे गए हैं या लापता हो गए हैं। ये सभी वैज्ञानिक परमाणु तकनीक, अंतरिक्ष अनुसंधान, रक्षा प्रणाली और एडवांस हथियारों जैसे बेहद संवेदनशील क्षेत्रों से जुड़े थे।

इन घटनाओं ने अमेरिकी सरकार और जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। एफबीआई और अन्य फेडरल एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या इन मामलों के पीछे कोई साजिश है या ये अलग-अलग घटनाएं हैं। कई वैज्ञानिकों की मौत गोलीबारी, दुर्घटनाओं या संदिग्ध हालात में हुई, जबकि कुछ अब तक लापता हैं।

इसी तरह चीन में भी कम से कम 9 वैज्ञानिकों की रहस्यमयी मौत की खबरें सामने आई हैं। ये वैज्ञानिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाइपरसोनिक हथियार, ड्रोन तकनीक और सैन्य रिसर्च जैसे अहम क्षेत्रों में काम कर रहे थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन वैज्ञानिकों का काम इतना संवेदनशील था कि उनकी मौत या गायब होना सामान्य घटना नहीं मानी जा सकती। हालांकि, अब तक किसी भी देश ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा है कि इसके पीछे किसी विदेशी ताकत का हाथ है।

इस पूरे मामले ने कई तरह की अटकलों को जन्म दिया है। कुछ लोग इसे जासूसी, टेक्नोलॉजी चोरी या गुप्त ऑपरेशन से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञ इसे महज संयोग मानने की सलाह दे रहे हैं। अमेरिकी संसद की एक कमेटी ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और संबंधित एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी है।

वहीं, व्हाइट हाउस तक इस मुद्दे की गूंज पहुंच चुकी है और उच्च स्तर पर इसकी समीक्षा की जा रही है। कई वैज्ञानिकों की मौत और गुमशुदगी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या दुनिया में वैज्ञानिकों की सुरक्षा अब खतरे में है, खासकर वे जो डिफेंस और स्पेस जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

हालांकि, अभी तक इन सभी घटनाओं के बीच किसी ठोस कड़ी के सबूत नहीं मिले हैं। लेकिन जिस तरह से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, उसने अमेरिका और चीन दोनों की चिंता बढ़ा दी है।

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