मालगाड़ी से छह करोड़ का तांबा जब्त, डीजीएसटी की बड़ी कार्रवाई में एल्युमिनियम भी पकड़ा
बिना वैध दस्तावेज, ई-वे बिल और चालान के ले जाया जा रहा था करीब 50 टन तांबा और दो टन एल्युमिनियम
दिल्ली माल एवं सेवा कर विभाग ने रेलवे अधिकारियों के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए मालगाड़ी से बड़ी मात्रा में संदिग्ध धातु जब्त की है। जांच के दौरान करीब 50 टन तांबा और दो टन एल्युमिनियम सिल्लियां बिना वैध दस्तावेज, ई-वे बिल और चालान के ले जाते हुए पकड़ी गईं। अधिकारियों के अनुसार जब्त तांबे की अनुमानित कीमत करीब छह करोड़ रुपये है, जबकि एल्युमिनियम सिल्लियों का मूल्य लगभग चार लाख रुपये बताया गया है।
डीजीएसटी विभाग को माल के परिवहन में जरूरी दस्तावेज नहीं होने की सूचना मिली थी। इसके बाद रेलवे अधिकारियों के साथ मिलकर मालगाड़ी की जांच की गई। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में तांबा और एल्युमिनियम बरामद हुआ। अधिकारियों ने माल से संबंधित दस्तावेजों की जांच की, लेकिन मौके पर वैध ई-वे बिल और चालान उपलब्ध नहीं पाए गए।
जीएसटी व्यवस्था के तहत निर्धारित सीमा से अधिक मूल्य के माल के परिवहन के लिए आवश्यक दस्तावेज रखना जरूरी होता है। दस्तावेज नहीं होने की स्थिति में कर चोरी की आशंका को देखते हुए विभाग कार्रवाई कर सकता है। इसी आधार पर डीजीएसटी अधिकारियों ने माल को अपने कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि अब यह पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में धातु कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। इसके अलावा माल के मालिक, आपूर्तिकर्ता और परिवहन से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद कर चोरी और बिना दस्तावेज माल परिवहन करने वालों के खिलाफ विभाग की सख्ती का संकेत मिला है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस मामले में कितने लोगों की भूमिका सामने आती है और विभाग की ओर से कितनी कर देनदारी या जुर्माने की कार्रवाई की जाती है।




