आजम खां और बेटे अब्दुल्ला की सजा बढ़ाने की माँग

अभियोजन ने सेशन कोर्ट में अर्जी लगाई है कि आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला को मिले सात साल के कारावास की सज़ा बढ़ाई जाए। मामला दो पैन‑कार्ड के मामले से जुड़ा है, जिसमें पहले ही उन्हें जुर्माने और सात‑सात साल की सज़ा सुनाई जा चुकी है। सेशन कोर्ट इस अर्जी पर 23 दिसंबर को सुनवाई करेगी और दोनों पक्षों — अभियोजन और बचाव — ने अपनी दलीलें पेश की हैं।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों के बीच बलूचिस्तान के चमन सीमा क्षेत्र में शुक्रवार देर रात अचानक गोलीबारी शुरू हो गई, जिसने इलाके में तनाव बढ़ा दिया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, गोलीबारी रात करीब 10 बजे शुरू हुई और देर रात तक रुक-रुक कर जारी रही। इस घटना में तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक महिला भी शामिल है। घायलों को तुरंत नज़दीकी चमन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

पाकिस्तानी अधिकारियों का आरोप है कि अफगान सुरक्षा बलों ने बदानी क्षेत्र में मोर्टार दागे और उन्होंने जवाबी कार्रवाई की। वहीं अफगान तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि हमला पाकिस्तान ने किया और उनके सैनिकों ने केवल जवाब में गोलाबारी की। इस प्रकार दोनों देशों ने एक-दूसरे पर इस झड़प को भड़काने का आरोप लगाया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, चमन–कंधार राजमार्ग पर भी गोलीबारी की कुछ घटनाएँ हुईं, हालांकि इसकी तुरंत आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। इलाके में स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। फिलहाल पाकिस्तान की सेना और विदेश मंत्रालय की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

चमन सीमा, जिसे फ्रेंडशिप गेट के नाम से भी जाना जाता है, बलूचिस्तान प्रांत को अफगानिस्तान के कंधार से जोड़ती है। यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से दोनों देशों के बीच तनाव का केन्द्र रहा है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकियों को पनाह दी जा रही है, जबकि अफगान पक्ष इस आरोप को खारिज करता रहा है।

पिछले महीने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बाद संघर्ष विराम पर सहमति हुई थी। हालांकि ताज़ा घटना ने सीमा पर तनाव को फिर से बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे घटनाक्रम दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित कर सकते हैं और इलाके में असुरक्षा की भावना पैदा कर सकते हैं।

स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इलाके में निगरानी बढ़ा रही हैं, और दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। यह घटना सीमा विवाद और आतंकवाद विरोधी सुरक्षा रणनीतियों की जटिलताओं को उजागर करती है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सतत प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

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