प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री लागू करने के निर्देश, हर ग्राम पंचायत में लगेंगे विशेष शिविर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसान योजनाओं को डिजिटल रूप से जोड़ने और लाभ वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने पर दिया जोर

लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र में बड़ा डिजिटल सुधार करते हुए फार्मर रजिस्ट्री को व्यापक स्तर पर लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि राज्य के प्रत्येक किसान का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
सरकार ने तय किया है कि हर ग्राम पंचायत में विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री को कृषि क्षेत्र में एकीकृत लाभ वितरण प्रणाली के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना सहित सभी लाभकारी योजनाओं को एक ही डिजिटल पहचान से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन किसानों के दस्तावेजों या नामों में त्रुटियां हैं, उन्हें आधार से जोड़कर प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए। साथ ही प्रत्येक किसान का किसान पहचान पत्र बनाना अनिवार्य किया जाएगा ताकि योजनाओं का लाभ सुगमता से मिल सके।
कृषि विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह 01 मई 2026 तक अपनी सभी योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने के लिए तकनीकी व्यवस्था तैयार करे। वहीं, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और लघु सिंचाई जैसे विभागों को 31 मई 2026 तक आवश्यक तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का मानना है कि इस पहल से किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिलेगा तथा अनावश्यक जटिलताओं में कमी आएगी।





