कानपुर दुष्कर्म केस: चौकी में रोती रही पीड़िता, पास खड़ा आरोपी यू-ट्यूबर देता रहा अपशब्द; पुलिस की भूमिका पर सवाल
सचेंडी मामले का वीडियो वायरल, चौकी में मौजूद दरोगा की चुप्पी और संवेदनहीनता ने उठाए गंभीर प्रश्न

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सचेंडी में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के अगले दिन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पीड़िता पुलिस चौकी में सिसकती नजर आ रही है, जबकि पास खड़ा आरोपी यू-ट्यूबर अपशब्द बोलता रहा। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान चौकी में मौजूद पुलिसकर्मी, जिनमें एक दरोगा भी शामिल है, पूरी तरह मौन बने रहे।
वायरल वीडियो में पीड़िता अपने भाई के साथ भीमसेन चौकी में दिखाई दे रही है। सामने आरोपी यू-ट्यूबर शिवबरन सिंह बेखौफ होकर पीड़िता और उसके परिजनों को अपशब्द कहता नजर आता है। वहीं, पास ही कुर्सी पर बैठे आरोपी दरोगा अमित मौर्य की चुप्पी ने पुलिस की संवेदनशीलता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, सचेंडी क्षेत्र में सोमवार रात नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। शुरुआत में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। बाद में पहचान सामने आने पर आरोपी यू-ट्यूबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि निलंबित दरोगा अमित मौर्य फरार हो गया। पुलिस कमिश्नर ने फरार दरोगा पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
वीडियो में यह भी देखा गया कि किसी पुलिसकर्मी द्वारा ही वीडियो बनवाने की बात कही जा रही है, जिसकी अब जांच के आदेश दिए गए हैं। एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी और यह भी देखा जाएगा कि वीडियो किसने और किस उद्देश्य से बनाया।
इस पूरे मामले ने न केवल पुलिस की भूमिका पर, बल्कि पीड़िता के साथ थाने-चौकी में होने वाले व्यवहार पर भी गंभीर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़िता के सम्मान, सुरक्षा और संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए, ताकि न्याय प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बना रहे।




