IIT दिल्ली दीक्षांत समारोह में पीएम मोदी ने बांटी डिग्रियां
3036 विद्यार्थियों को मिली डिग्री, सोनीपत परिसर में एआई सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ का उद्घाटन
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईआईटी दिल्ली का 57वां दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जेन जी के विद्यार्थियों से लेकर 74 वर्षीय शोधार्थी सहित कुल 3036 छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं। समारोह में विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक और संस्थान के शिक्षक भी मौजूद रहे।
दीक्षांत समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। आईआईटी दिल्ली देश के प्रमुख तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शामिल है और यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश-विदेश में विज्ञान, तकनीक, उद्योग और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
समारोह की एक बड़ी उपलब्धि आईआईटी दिल्ली के सोनीपत परिसर में स्थापित ‘परम प्रज्ञा’ एआई आधारित उच्च प्रदर्शन सुपरकंप्यूटिंग सुविधा का उद्घाटन रहा। यह सुविधा कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उच्चस्तरीय कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए स्थापित की गई है।
आधुनिक दौर में एआई का इस्तेमाल शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान, उद्योग और अनुसंधान समेत कई क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में उच्च प्रदर्शन वाली कंप्यूटिंग सुविधा विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसके जरिए जटिल गणनाओं, बड़े स्तर के डेटा विश्लेषण और तकनीकी शोध परियोजनाओं पर काम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दीक्षांत समारोह में 74 वर्षीय शोधार्थी को डिग्री मिलना भी खास चर्चा का विषय रहा। इससे यह संदेश सामने आया कि सीखने और शोध की कोई उम्र तय नहीं होती। वहीं युवा विद्यार्थियों के लिए यह समारोह उनके शैक्षणिक जीवन से पेशेवर जीवन की ओर बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर रहा।
आईआईटी दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षा और तकनीकी अनुसंधान के बीच मजबूत संबंध को भी सामने रखा। एक ओर विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत को डिग्री के रूप में सम्मान मिला, तो दूसरी ओर ‘परम प्रज्ञा’ के उद्घाटन के जरिए भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए नई सुविधा उपलब्ध कराई गई।
कुल मिलाकर आईआईटी दिल्ली का यह दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की उपलब्धियों के साथ-साथ देश में एआई और आधुनिक तकनीक के बढ़ते महत्व का भी प्रतीक बना। ‘परम प्रज्ञा’ जैसी सुविधा से आने वाले समय में शोध और नवाचार को नई गति मिलने की उम्मीद है।




