पीएसए टेस्ट: समय रहते पकड़ें जानलेवा प्रोस्टेट कैंसर, जानिए किन पुरुषों को करानी चाहिए जांच

हृदय रोगों के बाद कैंसर दुनियाभर में मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण बन चुका है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2022 में हृदय रोग लगभग 1.9 करोड़ मौतों के लिए जिम्मेदार था, जबकि कैंसर से करीब 97 लाख लोगों की मौत हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती जीवनशैली, प्रदूषण, अस्वस्थ खानपान और धूम्रपान-शराब जैसी आदतों ने कैंसर का खतरा और बढ़ा दिया है, जिससे कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आने लगे हैं।
पुरुषों में जोखिम अधिक:
मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार पुरुषों में कैंसर और इससे मृत्यु का खतरा महिलाओं की तुलना में ज्यादा होता है। पुरुषों में सबसे ज्यादा रिपोर्ट होने वाले कैंसर में फेफड़े, मुंह और प्रोस्टेट कैंसर शामिल हैं। प्रोस्टेट कैंसर की समय पर पहचान के लिए डॉक्टर PSA टेस्ट कराने की सलाह देते हैं।
PSA टेस्ट क्या है:
PSA (Prostate-Specific Antigen) टेस्ट एक ब्लड टेस्ट है जो प्रोस्टेट ग्लैंड से निकलने वाले प्रोटीन के स्तर को मापता है। सामान्य स्तर 0-4 ng/mL माना जाता है। यदि PSA लेवल अधिक पाया जाता है, तो डॉक्टर आगे की जांच और उपचार की सलाह दे सकते हैं। यह टेस्ट प्रोस्टेट कैंसर को शुरुआती चरण में पकड़ने में मदद करता है, जिससे इलाज आसान और प्रभावी होता है।
कौन कराएं PSA टेस्ट:
- 40 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुष
- जिनके परिवार में किसी को प्रोस्टेट कैंसर हो चुका हो
- बार-बार पेशाब आने या मूत्राशय से जुड़ी समस्याओं वाले पुरुष
नई तकनीक से आसान स्क्रीनिंग:
वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक 15 मिनट वाले प्रोस्टेट कैंसर स्कैन विकसित किया है, जिससे इस कैंसर की समय पर पहचान और इलाज पहले की तुलना में और भी आसान हो गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर PSA टेस्ट और नियमित चेकअप से प्रोस्टेट कैंसर के गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।





