जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ एक ही कार में दिखे पीएम मोदी, कूटनीति की खास तस्वीर

पुतिन के बाद दूसरे राष्ट्राध्यक्ष बने मर्ज, पहली भारत यात्रा पर दिखी भारत-जर्मनी रिश्तों की गर्मजोशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चर्चित कार डिप्लोमेसी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है। गुजरात में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ पीएम मोदी एक ही कार में बैठे नजर आए। सामने आई इस तस्वीर को भारत-जर्मनी संबंधों की मजबूती और दोनों नेताओं के बीच आपसी विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है। इससे पहले केवल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को ही यह विशेष सम्मान मिला था, जिससे यह तस्वीर और भी अहम हो जाती है।

फ्रेडरिक मर्ज पहली बार आधिकारिक भारत दौरे पर आए हैं। इस यात्रा की शुरुआत गुजरात से हुई, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें भारतीय और गुजराती संस्कृति से रूबरू कराया। दोनों नेताओं ने साबरमती आश्रम का दौरा कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन किया। इस दौरान चांसलर मर्ज ने गांधी के विचारों को आज की वैश्विक परिस्थितियों में भी प्रासंगिक बताया।

कार डिप्लोमेसी की यह तस्वीर सिर्फ एक औपचारिक क्षण नहीं, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों में बढ़ती नजदीकी का संकेत मानी जा रही है। इसके बाद पीएम मोदी और चांसलर मर्ज ने भारत और जर्मनी के औद्योगिक दिग्गजों और शीर्ष CEOs से मुलाकात की। बैठक में व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को और विस्तार देने पर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान में जर्मनी की करीब 2,000 कंपनियां भारत में कारोबार कर रही हैं, जो दोनों देशों के मजबूत आर्थिक रिश्तों को दर्शाता है। वहीं, जर्मन चांसलर ने भारत को यूरोप के लिए एक अहम रणनीतिक और आर्थिक साझेदार बताया।

विशेषज्ञों के अनुसार, पीएम मोदी की कार डिप्लोमेसी प्रतीकात्मक होने के साथ-साथ संदेश देती है कि भारत अपने रणनीतिक साझेदारों के साथ रिश्तों को केवल औपचारिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी मजबूत करना चाहता है।

Related Articles

Back to top button