महाप्रभु जगन्नाथ’ की रिलीज पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कला पर प्रतिबंध को लेकर जताई चिंता
अदालत ने कहा- फिल्म भगवान जगन्नाथ के प्रति आस्था और श्रद्धा को कम नहीं करती, संवेदनशीलता के नाम पर रोक उचित नहीं
नई दिल्ली। एनिमेटेड फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ की रिलीज को रोकने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि यह फिल्म भगवान जगन्नाथ के प्रति लोगों की आस्था और श्रद्धा को किसी भी तरह कम नहीं करती है।
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि केवल संवेदनशीलता के आधार पर किसी रचनात्मक कार्य पर प्रतिबंध लगाने की मांगों का बढ़ना चिंता का विषय है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से फिल्म को लेकर आपत्तियां जताई गई थीं और इसकी रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और कहा कि किसी धार्मिक विषय पर आधारित फिल्म को केवल आशंकाओं के आधार पर रोका नहीं जा सकता।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म भगवान जगन्नाथ की भक्ति और श्रद्धा को प्रभावित करने वाली नहीं है। फिल्म निर्माताओं की ओर से इसे भगवान जगन्नाथ के जीवन और महिमा पर आधारित एक एनिमेटेड प्रस्तुति बताया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो गया है। वहीं, अदालत की टिप्पणी के बाद कला, धार्मिक भावनाओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है।





