चौथे टी20 में वापसी की चुनौती, टीम इंडिया को सुधारनी होंगी ये तीन बड़ी गलतियां
0-2 से पिछड़ी भारतीय टीम के सामने करो या मरो की स्थिति, ब्रिस्टल में जीत के लिए बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में दिखाना होगा दम
इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में लगातार दो हार झेलने के बाद भारतीय टीम के सामने चौथे मुकाबले में जीत दर्ज करने की बड़ी चुनौती है। ब्रिस्टल में होने वाला यह मैच टीम इंडिया के लिए ‘करो या मरो’ जैसा होगा। यदि भारत को सीरीज में बने रहना है तो उसे अपनी तीन प्रमुख कमजोरियों पर तत्काल सुधार करना होगा।
सबसे पहली चुनौती शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी है। पिछले दोनों मुकाबलों में भारतीय ओपनर और शीर्ष क्रम टीम को मजबूत शुरुआत देने में नाकाम रहे, जिससे मध्यक्रम पर अतिरिक्त दबाव बना। चौथे टी20 में पावरप्ले का बेहतर इस्तेमाल और बड़ी साझेदारी टीम के लिए बेहद अहम होगी।
दूसरी बड़ी चिंता गेंदबाजी है। डेथ ओवरों में भारतीय गेंदबाज लगातार रन लुटा रहे हैं, जिसका फायदा इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने उठाया। आखिरी ओवरों में सटीक यॉर्कर, धीमी गेंदों और बेहतर लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाजी करना जीत की कुंजी साबित हो सकता है।
तीसरी कमजोरी फील्डिंग रही है। आसान कैच छोड़ने और मिसफील्ड के कारण भारत को अतिरिक्त रन गंवाने पड़े हैं। बड़े मुकाबलों में छोटी-छोटी गलतियां भी हार का कारण बन जाती हैं। यदि टीम इंडिया बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में संतुलित प्रदर्शन करती है, तो ब्रिस्टल में जीत दर्ज कर सीरीज में वापसी की उम्मीद बरकरार रख सकती है।



