उत्तराखंड को मिला पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा, राज्यपाल गुरमीत सिंह की मंजूरी
नई शिक्षा नीति 2020 और उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के मानकों पर खरा उतरने के बाद मिली आधिकारिक मान्यता
उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा प्राप्त कर लिया है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही उत्तराखंड उन राज्यों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित साक्षरता मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
राज्य सरकार के अनुसार, यह उपलब्धि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और यूएलएलएएस (समाज में सभी के लिए आजीवन सीखने की समझ) नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है। हाल ही में इस संबंध में प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में पारित किया गया था, जिसके बाद इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया। बुधवार को राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही उत्तराखंड को आधिकारिक रूप से पूर्ण साक्षर राज्य घोषित कर दिया गया।
सरकार का कहना है कि इस उपलब्धि के पीछे शिक्षा विभाग, शिक्षकों, स्वयंसेवी संगठनों, स्थानीय निकायों और आम नागरिकों का संयुक्त प्रयास रहा है। वयस्क शिक्षा, निरक्षरों को शिक्षित करने और आजीवन सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए चलाए गए अभियान इस सफलता की मजबूत नींव बने।
विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्ण साक्षर राज्य बनने से उत्तराखंड में शिक्षा की गुणवत्ता, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता और सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी। राज्य सरकार अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी दक्षता और आजीवन सीखने की अवधारणा को और मजबूत करने पर विशेष जोर देगी।




