: विवेक विहार अग्निकांड: मां के सीने से चिपका मिला डेढ़ साल के बच्चे का शव, नौ की मौत
पूर्वी दिल्ली के चार मंजिला भवन में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के पांच सदस्य समेत कई लोगों की दर्दनाक मौत
पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार क्षेत्र में रविवार तड़के हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। चार मंजिला एक रिहायशी इमारत में अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोग अपने घरों से बाहर निकल भी नहीं पाए। इस दर्दनाक हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
हादसे में सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया जब राहत एवं बचाव दल ने एक मां और उसके डेढ़ साल के बच्चे के शव को एक साथ पाया। बताया जा रहा है कि बच्चा अपनी मां के सीने से चिपका हुआ था, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अंतिम क्षणों में भी मां ने अपने बच्चे को बचाने की कोशिश की। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और हर कोई स्तब्ध रह गया।
जानकारी के अनुसार, इस अग्निकांड में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हुई है। इसमें माता-पिता, बेटा-बहू और उनका छोटा बच्चा शामिल है। पूरी इमारत में धुआं भर जाने के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया और वे बाहर नहीं निकल सके। कुछ लोग खिड़कियों से मदद की गुहार लगाते नजर आए, लेकिन आग की तीव्रता के कारण बचाव कार्य में भी कठिनाइयाँ आईं।
दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक काफी नुकसान हो चुका था। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारण की जांच की जा रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और जांच शुरू कर दी गई है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। आसपास के लोगों ने बताया कि उन्होंने अचानक धुआं उठता देखा और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। राहत कार्य के दौरान बचावकर्मियों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे रिहायशी भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
फिलहाल सभी मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। यह हादसा एक बार फिर शहरी सुरक्षा व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

