पीजीआई में कर्मचारियों का हंगामा, निदेशक का किया घेराव; प्रदर्शन पर रोक के प्रस्ताव से भड़का आक्रोश
धरना स्थल और प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े प्रस्ताव का कर्मचारी महासंघ ने किया विरोध, कहा- कर्मचारियों की आवाज दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं होगी; आश्वासन के बाद खत्म हुआ घेराव।
लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (पीजीआई) में कर्मचारी महासंघ और संस्थान प्रशासन के बीच विवाद सामने आया है। धरना स्थल और प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े प्रस्ताव के विरोध में कर्मचारी महासंघ ने संस्थान के निदेशक का घेराव कर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव पर नाराजगी जताते हुए इसे अपनी आवाज दबाने की कोशिश बताया।
जानकारी के अनुसार, 28 नवंबर को आयोजित गवर्निंग बॉडी की बैठक में धरना स्थल और प्रदर्शन की अनुमति को लेकर प्रस्ताव सामने आया था। इसका विरोध करते हुए कर्मचारी महासंघ ने कहा कि कर्मचारियों को अपनी समस्याओं और मांगों को उठाने का लोकतांत्रिक अधिकार है। यदि प्रदर्शन और धरने पर रोक लगाने की कोशिश की गई तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष धर्मेश कुमार और महामंत्री सीमा शुक्ला के नेतृत्व में कर्मचारियों ने निदेशक का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की और प्रशासन से प्रस्ताव पर दोबारा विचार करने की मांग उठाई।
इस दौरान निदेशक के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों का मामला भी सामने आया। बताया गया कि निदेशक ने इस संबंध में कर्मचारी महासंघ से खेद जताया। वहीं, कर्मचारियों की मांगों और आपत्तियों को लेकर निदेशक ने आश्वासन दिया।
निदेशक के आश्वासन के बाद कर्मचारी महासंघ ने अपना घेराव समाप्त कर दिया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने संस्थान में कर्मचारी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के अधिकार और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।



