देवास में अतिक्रमण हटाने के दौरान बड़ा हादसा: पति-पत्नी ने खुद को लगाई आग, भीड़ ने जेसीबी पर किया पथराव
सतवास कस्बे में नाली से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बनी हिंसा की वजह, प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

मध्य प्रदेश के देवास जिले के सतवास कस्बे में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नाली से अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान एक पति-पत्नी ने खुद को आग लगा ली। इस हृदयविदारक घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और आक्रोशित भीड़ ने मौके पर मौजूद जेसीबी मशीन पर पथराव कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर परिषद और प्रशासन की टीम सतवास में नाली से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान अतिक्रमण हटाए जाने से आहत एक दंपति ने विरोध स्वरूप खुद को आग लगाने का प्रयास किया। घटना होते ही मौके पर मौजूद लोग सकते में आ गए और तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद भड़का जनआक्रोश
दंपति द्वारा आत्मदाह के प्रयास की खबर फैलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए। गुस्साए लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करते हुए जेसीबी मशीन पर पथराव किया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया।
प्रशासन की कार्रवाई और जांच
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही थी, हालांकि इस मामले में पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रशासन यह भी पता लगा रहा है कि क्या दंपति को पहले से कोई नोटिस दिया गया था और संवाद की प्रक्रिया अपनाई गई थी या नहीं।
मानवीय पहलू और सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि अतिक्रमण हटाने जैसी संवेदनशील कार्रवाइयों में मानवीय दृष्टिकोण और संवाद की कितनी आवश्यकता है। बिना पर्याप्त संवाद और वैकल्पिक व्यवस्था के की गई कार्रवाई कई बार गंभीर सामाजिक तनाव और अप्रिय घटनाओं को जन्म दे सकती है।
फिलहाल सतवास में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन यह मामला प्रशासन, कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों के बीच विश्वास की खाई को उजागर करता है।


