RBI रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रख सकता है, वैश्विक अनिश्चितता घटने से नीति में बड़े बदलाव की संभावना कम
अमेरिका-ईरान शांति समझौते और वैश्विक स्थिरता के संकेतों के बीच RBI की आगामी मौद्रिक नीति में सतर्क रुख संभव।
वैश्विक आर्थिक हालात में सुधार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता में कमी आने के संकेतों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अपनी मौद्रिक नीति में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं कर सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, आगामी समीक्षा बैठक में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखने की संभावना जताई गई है। बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता आई है, जिससे केंद्रीय बैंकों को अधिक डेटा-आधारित निर्णय लेने का अवसर मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई नियंत्रण में रहने के कारण RBI फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपनाएगा और किसी भी आक्रामक बदलाव से बचेगा।

