लखनऊ में गोमती का पानी मॉल तक पहुंचा, यूपी के 42 जिलों में बारिश का अलर्ट
बिहार में 466 गांव बाढ़ से प्रभावित, उत्तराखंड में यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन से आवाजाही बाधित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बाढ़ के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में बारिश और गरज-चमक का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 42 जिलों में बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है। लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का असर शहर के नए इलाकों तक पहुंच गया है। पलासियो मॉल और इकाना स्टेडियम के आसपास भी पानी भर गया है।
लखनऊ में गोमती का पानी लगातार चिंता बढ़ा रहा है। बुधवार को पलासियो मॉल और इकाना स्टेडियम के सामने करीब डेढ़ से दो फीट तक पानी जमा होने की जानकारी सामने आई। इसके चलते प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। हालांकि, ऊपरी क्षेत्रों में जलस्तर कम होने के संकेत मिलने के बाद गुरुवार से गोमती के धीरे-धीरे घटने की उम्मीद जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ जिलों में तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका है। ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
बिहार में भी बाढ़ का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक छह जिलों के करीब 466 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और बड़ी संख्या में लोग इससे प्रभावित हुए हैं। इसी बीच राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी भी जारी की गई है।
उत्तराखंड में बारिश के साथ पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सारी गाड़ के पास भूस्खलन के कारण आवाजाही बाधित हुई। सड़क खोलने के लिए मशीनों से मलबा हटाने का काम जारी है। वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से मौसम और ठंडा हो गया है।
मौसम में इस बदलाव के बीच प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ाई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदी और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।


