सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने गणतंत्र दिवस शिविर का दौरा, एनसीसी कैडेटों से की प्रेरणादायक बातचीत
जनरल द्विवेदी ने कहा – हमारे युवा शक्ति का भंडार हैं; अनुशासन, कड़ी मेहनत और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता से उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन करना जरूरी।

नई दिल्ली | 14 जनवरी 2026 — सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बुधवार को दिल्ली छावनी के कारियाप्पा परेड कैंप में आयोजित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने चयनित कैडेटों से संवाद किया और उन्हें अनुशासन, नेतृत्व और चरित्र के महत्व के बारे में मार्गदर्शन दिया।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि यह शिविर इस साल अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है, जिसमें 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से 2,406 कैडेटों ने भाग लिया। इनमें 898 महिला कैडेट भी शामिल हैं। शिविर 30 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ और एक माह तक चलेगा, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों के माध्यम से कैडेटों को प्रशिक्षण और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर दिया जा रहा है।
एनसीसी कैडेटों के प्रति सेना प्रमुख की सराहना
सेना प्रमुख ने कहा,
“हाल की घटनाओं ने दुनिया को दिखा दिया है कि भारतीय युवा क्या करने में सक्षम हैं। आप जेनरेशन जेड की सबसे बड़ी और सबसे शक्तिशाली आबादी हैं। हमारे युवा शक्ति का भंडार हैं, जिसे अनुशासन, उद्देश्य और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के साथ सही दिशा में ले जाना चाहिए।”
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान देश भर में 75,000 से अधिक एनसीसी कैडेटों ने नागरिक सुरक्षा, अस्पताल प्रबंधन, आपदा राहत और सामुदायिक सेवाओं में अथक परिश्रम किया। इसके अलावा, 2025 में 10 एनसीसी कैडेटों ने माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की, जिनकी औसत आयु केवल 19 वर्ष थी।
कैडेटों के लिए प्रेरणा और अनुभव साझा करना
जनरल द्विवेदी ने चयनित मेधावी कैडेटों को सम्मानित किया और अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। उन्होंने कैडेटों को वीरता, नैतिकता और पेशेवर उत्कृष्टता की कहानियों से परिचित कराया। इस संवाद के दौरान कैडेटों को वीरता पुरस्कार विजेता और ओलंपियन खिलाड़ियों से मिलने का भी अवसर मिला, जिनमें सूबेदार मेजर संजय कुमार, मानद लेफ्टिनेंट संजय कुमार, ओलंपियन होकाटो सेमा और ओलंपियन जैस्मिनी शामिल थे।
गणतंत्र दिवस शिविर की गतिविधियाँ और अंतरराष्ट्रीय आयाम
शिविर में विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों का आयोजन किया गया है, जैसे:
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सर्वश्रेष्ठ कैडेट प्रतियोगिता
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लघु शस्त्र फायरिंग
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ध्वज क्षेत्र डिजाइनिंग
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गणतंत्र दिवस परेड के लिए मार्चिंग टुकड़ी का चयन
युवा विनिमय कार्यक्रम के तहत 25 मित्र देशों के कैडेट और अधिकारी भी इसमें भाग ले रहे हैं, जिससे शिविर को एक अंतरराष्ट्रीय आयाम भी मिला है।
एनसीसी के महानिदेशक और लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने 30 दिसंबर को कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा था कि उन्हें ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना से प्रेरित होकर धर्म, भाषा और जाति की बाधाओं को पार करते हुए चरित्र, सत्यनिष्ठा, निस्वार्थ सेवा और टीमवर्क जैसे सर्वोच्च गुणों का प्रदर्शन करना चाहिए।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि एनसीसी का यह गणतंत्र दिवस शिविर देशभर से कैडेटों को एक साथ लाता है, उन्हें प्रशिक्षण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करता है, और उनमें देशभक्ति, अनुशासन और नेतृत्व की गहरी भावना पैदा करता है।




