बांग्लादेश–पाकिस्तान व्यापार में 20% की बड़ी बढ़ोतरी, जनवरी से ढाका–कराची सीधी उड़ानों की शुरुआत

व्यापार, निवेश और एविएशन सहयोग से मजबूत होंगे द्विपक्षीय रिश्ते, दक्षिण एशिया में नई आर्थिक संभावनाएं

बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। दोनों देशों के बीच व्यापार में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसे क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग के लिहाज से एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। इस बारे में जानकारी पाकिस्तान के बांग्लादेश स्थित उच्चायुक्त इमरान हैदर ने बांग्लादेश के चीफ एडवाइज़र के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दी।

बैठक में व्यापार और निवेश के साथ-साथ एविएशन सहयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। इसी क्रम में यह घोषणा की गई कि जनवरी 2026 से ढाका और कराची के बीच सीधी उड़ानों की शुरुआत की जाएगी। लंबे समय से लंबित इस मांग के पूरा होने से दोनों देशों के बीच संपर्क और आवागमन काफी आसान हो जाएगा।

सीधी उड़ानों से व्यापारियों, निवेशकों और उद्योग जगत को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। अभी तक यात्रियों और कारोबारी प्रतिनिधियों को तीसरे देश के जरिए यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ जाते थे। सीधी कनेक्टिविटी से न केवल व्यापारिक लागत कम होगी, बल्कि बिजनेस मीटिंग्स, व्यापार मेलों और निवेश सम्मेलनों में भागीदारी भी बढ़ेगी।

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि व्यापार में आई हालिया वृद्धि को बनाए रखने के लिए नीतिगत सहयोग और व्यापारिक बाधाओं को कम करना जरूरी है। खासतौर पर टेक्सटाइल, कृषि उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। बांग्लादेश के रेडीमेड गारमेंट्स सेक्टर और पाकिस्तान के टेक्सटाइल व कृषि निर्यात के बीच तालमेल को भविष्य में अहम माना जा रहा है।

इसके अलावा, निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए संयुक्त व्यापार प्रतिनिधिमंडल, बी2बी मीटिंग्स और इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन पर भी विचार किया गया। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर एविएशन कनेक्टिविटी और अनुकूल नीतियां निवेशकों का भरोसा बढ़ाएंगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ता व्यापारिक सहयोग केवल द्विपक्षीय रिश्तों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र पर पड़ेगा। क्षेत्रीय व्यापार के विस्तार से सप्लाई चेन मजबूत होंगी और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।

कुल मिलाकर, व्यापार में 20% की बढ़ोतरी और ढाका–कराची सीधी उड़ानों की शुरुआत को दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले महीनों में यदि नीतिगत सुधार और सहयोग इसी गति से आगे बढ़ता रहा, तो यह साझेदारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए दीर्घकालिक लाभ लेकर आ सकती है।

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