लखनऊ में वकीलों के चैंबरों पर चला बुलडोजर, सिविल कोर्ट के बाहर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन
पुराने हाई कोर्ट परिसर के पास सड़क किनारे बने चैंबर हटाने की कार्रवाई के बाद वकीलों में भारी नाराज़गी देखने को मिली।
लखनऊ में पुराने हाई कोर्ट परिसर के पास सड़क किनारे बने वकीलों के चैंबरों पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के खिलाफ अधिवक्ता सिविल कोर्ट परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए।
जानकारी के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत कई अस्थायी और पुराने चैंबर हटाए गए। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और सार्वजनिक रास्ते खाली कराने के लिए चलाया गया।
हालांकि, वकीलों ने इस कार्रवाई को एकतरफा और अमानवीय बताते हुए नाराज़गी जताई। प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का कहना है कि बिना उचित वैकल्पिक व्यवस्था दिए उनके चैंबर तोड़ दिए गए, जिससे बड़ी संख्या में वकीलों के कामकाज पर असर पड़ेगा।
सिविल कोर्ट के बाहर प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। कुछ अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बातचीत या नोटिस प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं लिया और सीधे बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी।
मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई नियमानुसार की गई है और शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद वकीलों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। अधिवक्ता संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




