राम मंदिर दान विवाद ने पकड़ा तूल, संतों और विनय कटियार ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

अयोध्या के राम मंदिर की दान राशि में कथित गबन के आरोपों के बीच संत समाज की चिंता बढ़ गई है। बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार समेत कई संतों ने पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है।

अयोध्या में राम मंदिर की दान राशि में कथित गबन को लेकर उठे सवाल अब बड़ा विवाद बनते जा रहे हैं। इस मामले में संत समाज भी खुलकर सामने आ गया है और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के शिष्य महंत कमल नयन दास ने कहा कि भगवान के दरबार में कोई भी अन्याय से बच नहीं सकता और दान राशि से जुड़े सभी आरोपों की पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने भी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी तरह की अनियमितता हुई है तो सच्चाई सामने आनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।

हालांकि, अब तक संबंधित ट्रस्ट की ओर से इन आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है और न ही किसी जांच एजेंसी ने गबन की आधिकारिक पुष्टि की है। ऐसे में मामला फिलहाल आरोपों और जांच की मांग के स्तर पर है। संतों का कहना है कि पारदर्शिता ही इस विवाद को खत्म करने का सबसे उचित रास्ता है।

राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए दान राशि से जुड़े किसी भी आरोप की निष्पक्ष जांच जरूरी मानी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित संस्थाएं इस मामले में आगे क्या कदम उठाती हैं।

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