तिरंगा लेकर जंतर-मंतर पहुंचे सीजेपी नेता, सौरव दास और आशुतोष रांका फिर हिरासत में
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन, अभिजीत दिपके बोले- प्रतिरोध की आवाज दबा नहीं सकते।
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंगलवार सुबह प्रदर्शन करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। संगठन के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे समेत अन्य सदस्य शामिल हैं। प्रदर्शनकारी तिरंगा लेकर जंतर-मंतर पहुंचे थे।
सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रही है। संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए हैं। पार्टी इसे मतदाताओं के अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़ा मुद्दा बता रही है।
अभिजीत दिपके ने क्या कहा?
पुलिस की कार्रवाई के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखा कि प्रतिरोध को खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तक देशभर में प्रदर्शन जारी रखने की बात कही। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने हिरासत की वजह और हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या पर विस्तृत बयान नहीं दिया था।
पहले भी हिरासत में लिए गए थे नेता
इससे पहले 10 अक्टूबर को सीजेपी संयोजक अभिजीत दिपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को दिल्ली हवाई अड्डे पर विमान के अंदर से हिरासत में लिया गया था। अगले दिन उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और निर्धारित शर्तों के तहत रिहा करने का आदेश दिया गया।
12 अक्टूबर को रांका और दास प्रदर्शन की अनुमति लेने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे थे। पुलिस ने जंतर-मंतर के बजाय रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान जैसे वैकल्पिक स्थान सुझाए थे। सीजेपी ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की मांग जारी रखी।
फिलहाल, यह मामला प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों को लेकर चर्चा में है।




