महीनेभर गायब रहने के बाद अचानक भारत के पास दिखा LNG टैंकर, होर्मुज स्ट्रेट पार कर ऊर्जा संकट के बीच बड़ा संकेत

अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण तनावपूर्ण हुए होर्मुज जलडमरूमध्य से पहली बार LNG टैंकर का सुरक्षित पार करना, भारत के पश्चिमी तट तक पहुंचा जहाज

मध्य पूर्व में जारी अमेरिका-ईरान तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर बड़ा असर पड़ा है। इसी बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, जिसमें एक LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) टैंकर महीनों तक गायब रहने के बाद अचानक भारत के पश्चिमी तट के पास दिखाई दिया है। यह जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुका है, जिसे हाल के संघर्ष के बाद सबसे संवेदनशील और जोखिमपूर्ण समुद्री मार्ग माना जा रहा है।

शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह LNG टैंकर यूएई की कंपनी ADNOC से जुड़ा हुआ है और इसे मार्च के अंत के बाद से कोई स्पष्ट सिग्नल नहीं मिला था। अचानक इसका भारतीय पश्चिमी तट के पास दिखना इस बात का संकेत है कि जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर लिया है।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस ट्रांजिट मार्ग माना जाता है, जहां से वैश्विक ऊर्जा व्यापार का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद इस क्षेत्र में नौवहन लगभग ठप हो गया था। कई जहाज या तो लौट गए थे या फिर “डार्क शिपिंग” (जहाज की लोकेशन बंद कर देना) का सहारा ले रहे थे।

रिपोर्टों के अनुसार, इस टैंकर ने लंबे समय तक कोई सिग्नल नहीं भेजा और बाद में यह भारत के पश्चिमी तट के पास ट्रैक किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह या तो सफल गुप्त पारगमन हो सकता है या फिर डेटा ट्रैकिंग में कुछ तकनीकी अनियमितता भी हो सकती है। फिर भी, ऊर्जा बाजार के लिए इसे एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

इस घटना को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल के हफ्तों में कई जहाजों को होर्मुज से गुजरने में कठिनाई का सामना करना पड़ा था। कुछ कतर और ओमान के LNG जहाजों को भी मार्ग बदलना पड़ा था, जबकि कई जहाजों को वापस लौटना पड़ा। वहीं, कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि केवल कुछ ही जहाज सफलतापूर्वक इस जलमार्ग को पार कर पाए हैं।

भारत जैसे देशों के लिए यह मार्ग बेहद अहम है क्योंकि LNG और कच्चे तेल की बड़ी आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। यदि यह मार्ग बाधित होता है तो ऊर्जा कीमतों में तेजी से उछाल देखने को मिल सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना अभी शुरुआती संकेत है और इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि होर्मुज में स्थिति सामान्य हो गई है। लेकिन यह जरूर दिखाता है कि कुछ जहाज अब भी जोखिम उठाकर या विशेष सुरक्षा उपायों के साथ इस मार्ग को पार करने की कोशिश कर रहे हैं।

अगर आने वाले दिनों में ऐसे और जहाज सुरक्षित रूप से गुजरते हैं, तो यह वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए राहत की बड़ी खबर हो सकती है।

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