बंगाल SIR में कटे नामों का बिहार-यूपी कनेक्शन, राजनीतिक विवाद गहराया
पश्चिम बंगाल में एसआईआर ड्राफ्ट जारी, हिंदी भाषी मतदाताओं के नाम हटने पर टीएमसी और बीजेपी में बवाल

पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग ने हाल ही में एसआईआर (Specific Integrated Revision) प्रक्रिया का ड्राफ्ट जारी किया है, जिसके तहत कई हिंदी भाषी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इस कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में विवाद तेजी से फैल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कटे नामों का बिहार-यूपी से कनेक्शन है, क्योंकि अधिकांश प्रभावित मतदाता इन राज्यों से आए हैं। बीजेपी ने इसे बंगाल में मतदाताओं को निशाना बनाने वाला कदम बताया है, जबकि टीएमसी का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी और पारदर्शी है।
मतदाता सूची में इस तरह के बदलाव चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां हिंदी भाषी और मुस्लिम वोटरों की संख्या अधिक है। राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ताधारियों और विपक्ष के बीच टकराव की शुरुआत मान रहे हैं।
इस विवाद ने सोशल मीडिया पर भी हलचल मचा दी है और अब यह मामला चुनाव आयोग की निगरानी में आया हुआ है।
